रोहट क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से 3 महिलाओं की मौत:8 लोग गंभीर रूप से झुलसे, बारिश होने पर पेड़ के नीचे खड़े थे

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बिजली गिरने से 3 महिलाओं की मौत:8 लोग गंभीर रूप से झुलसे, बारिश होने पर पेड़ के नीचे खड़े थे..!!!

पाली हनुमान राम चौधरी

हादसे की जानकारी मिलने पर पाली जिले के रोहट हॉस्पिटल पहुंचे लोग।

राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में शनिवार को दिनभर बारिश होती रही। बारिश के बीच बिजली गिरने से 3 महिलाओं की मौत हो गई। 8 लोग गंभीर झुलस गए। झुलसे लोगों को जोधपुर रेफर किया गया है। घटना पाली में आज दोपहर रोहट थाना क्षेत्र में हुई।

SHO उदय सिंह ने बताया कि चोटिला गांव के पास जसंवत सिंह का खेत है। खेत में शनिवार को मूंग की फसल की कटाई की जा रही थी। दोपहर करीब साढ़े 3 बजे बरसात आने पर काम कर रहे किसान एक पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए। इस दौरान पेड़ पर बिजली गिर गई।

बिजली गिरने से 3 महिलाओं की मौत:8 लोग गंभीर रूप से झुलसे, बारिश होने पर पेड़ के नीचे खड़े थे..!!!

बिजली गिरने से 3 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। शवों को पाली के जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया है।
बिजली गिरने से पेड़ के नीचे खड़ी 27 साल की रुकमा देवी, 52 साल की प्रेमी देवी और 35 साल की रूपी देवी की मौके पर ही मौत हो गई।

20 साल के रघुवीर सरगरा, 19 साल के दुर्गाराम सरगरा, 40 साल के मानाराम सरगरा, 29 साल के कृष्णपाल सिंह और 18 साल के पूरण सरगरा, 31 साल के कैलाश गिरी, 58 साल के हनुवंत सिंह और 21 साल के दिनेश गिरी झुलस गए। सूचना पर विधायक ज्ञानचंद पारख और कांग्रेस नेता महावीर सिंह सुकरलाई भी रोहट हॉस्पिटल पहुंचे।

इसलिए बिजली धरती पर गिरती है
दरअसल, आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाते हुए आपस में टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है और वह धरती पर गिरती है। बिजली पृथ्वी पर पहुंचने के बाद ऐसे माध्यम को तलाशती है, जहां से वह गुजर सके। यह आकाशीय बिजली, बिजली के पोल के संपर्क में आती है तो वह उसके लिए कंडक्टर (संचालक) का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति इसके संपर्क में आ जाता है तो वह उस चार्ज के लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है।

बिजली से जुड़े कुछ तथ्य जो आपके लिए जानना जरूरी
आकाशीय बिजली का तापमान सूर्य के ऊपरी सतह से भी ज्यादा होता है। इसकी क्षमता तीन सौ किलोवॉट अर्थात 12.5 करोड़ वॉट से ज्यादा चार्ज की होती है। यह बिजली मिली सेकेंड से भी कम समय के लिए ठहरती है।यह मनुष्य के सिर, गले और कंधों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। दोपहर के वक्त इसके गिरने की आशंका ज्यादा होती है।

बिजली से जुड़े मिथ

आकाशीय बिजली एक चीज पर दो बार नहीं गिरती।
रबर, टायर या फोम इससे बचाव कर सकते हैं।
अगर कोई नाव चला रहा हो तो बाहर आ जाना चाहिए।
लम्बी चीजें आकाशीय बिजली से बचाव करती हैं।
बचाव के उपाय

अगर आप बादलों के गरजने के समय घर के अंदर हैं तो घर के अंदर ही रहें।
बिजली पैदा करने वाली चीजों से दूरी बनाकर रखें, जैसे रेडिएटर, मोबाइल, धातु के पाइप, स्टोव।
पेड़ के नीचे या खुले मैदान में जाने से बचें।
अगर आप खुले मैदान में हैं तो जल्दी से किसी बिल्डिंग में जाकर खड़े हो जाएं।