कस्टडी में पीट-पीटकर मार डाला : कर्नाटक में व्यक्ति की मौत के बाद परिवार ने लगाए आरोप; वन अधिकारी बोले- पहले से बीमार था

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कस्टडी में पीट-पीटकर मार डाला : कर्नाटक में व्यक्ति की मौत के बाद परिवार ने लगाए आरोप; वन अधिकारी बोले- पहले से बीमार था

राजस्थान की आवाज//हनुमान राम चौधरी

हिरण का मांस रखने के मामले में हुआ था अरेस्ट

कर्नाटक के मैसूर में वन विभाग के अधिकारियों की कस्टडी में आदिवासी व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान करियप्पा के रूप में हुई है। करियप्पा बेगुरु ग्राम पंचायत में रहता था। उसे हिरण का मांस रखने के मामले में 10 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था।

वन कर्मचारियों पर लगा मारने का आरोप

करियप्पा के परिवार और गांववालों ने वन कर्मचारियों पर उसे प्रताड़ित करके मारने का आरोप लगाया है। वन अधिकारियों ने दावा किया है कि करियप्पा गंभीर रूप से बीमार थे। कस्टडी में उन्हें किसी भी तरह नुकसान नहीं पहुंचाया गया।

अधिकारियों ने कहा कि बुधवार को उन्हें बेचैनी हो रही थी। इसके बाद करियप्पा को केआर अस्पताल ले जाया गया और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

कस्टडी में पीट-पीटकर मार डाला : कर्नाटक में व्यक्ति की मौत के बाद परिवार ने लगाए आरोप; वन अधिकारी बोले- पहले से बीमार था

गुंड्रे वन रेंज के वन कर्मचारियों ने कहा कि करियप्पा का बीमार रहने का इतिहास रहा है। जबकि क्षेत्र के आदिवासियों का आरोप है कि वन अधिकारियों ने पीट-पीट कर मार डाला।

करियप्पा के परिवार के एक सदस्य ने कहा कि उनके शरीर पर चोट के निशान थे। इससे साबित होता है कि उन्हें प्रताड़ित किया गया था।

एक अन्य रिश्तेदार ने बताया कि फॉरेस्ट ऑफिसर करियप्पा को उसके घर के पास से उठा लिया। अब अचानक कह रहे हैं कि उनकी मौत हो गई है। परिवार के लोगों का दावा है कि उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की है, लेकिन एसपी आर चेतन ने कहा कि उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है।

कोई भी जानवर मरे, हमें ही अरेस्ट किया जाता है ब्रह्मगिरी आदिवासी बस्ती के रहने वाले ने सुरेश ने कहा कि जब भी वन विभाग के अधिकारी किसी जंगली जानवर के शव को देखते हैं, हमें अरेस्ट कर लेते हैं। भले ही जानवर की नेचुरल डेथ रही हो। इतना ही नहीं अधिकारी हमें कुछ मामलों में केस दर्ज करने की धमकी देते हैं और प्रताड़ित करते हैं। मैं सीएम बोम्मई से मांग करता हूं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो।