Outrage Among People After The Death Of The Priest – Rajasthan News: आत्मदाह में पुजारी की मौत के बाद लोगों में आक्रोश, लगाया जाम, परिजनों ने अब भी नहीं लिया शव

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अजमेर में आक्रोशित लोगों ने जाम लगा दिया था।

अजमेर में आक्रोशित लोगों ने जाम लगा दिया था।
– फोटो : सोशल मीडिया

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राजस्थान के अजमेर में पुजारी के आत्मदाह का मामला लगातार गर्मा रहा है। शुक्रवार को ब्राह्मण समाज के लोग गुस्से में थे और सड़कों पर उतर आए। उनकी मांग थी कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। परिजन पुजारी का शव लेने को तैयार नहीं हैं। समाज के पदाधिकारी का कहना है जिला प्रशासन से चर्चा के बाद कल निर्णय लिया जाएगा कि शव लेना है या अभी नहीं। वहीं कोतवाली थाने में ब्राह्मण व अग्रवाल समाज बैठक भी हुई है। इसमें सहमति बनी है कि पुजारी का पोता भरत मंदिर में ही पूजा करता रहेगा। 

बता दें कि मंदिर कमेटी से विवाद के चलते अजमेर के ऋषि घाटी स्थित जगदीश मंदिर के पूर्व पुजारी गोविंद नारायण (92) ने 11 अक्टूबर को खुद को आग लगा ली थी। इसमें वे 60 फीसदी तक झुलस गए थे। गुरुवार देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। उनका जवाहर लाल नेहरू हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। मौत की खबर सुनकर समाज के लोग और गुस्से में आ गए थे। अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में समाज के लोग एकत्रित हो गए थे। जाम कर दिया था। काफी देर चले हंगामे के बाद समाज ने धरना स्थगित कर दिया। ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी सुदामा शर्मा ने बताया कि उनकी मुख्य मांग थी कि पुजारी भरत को मंदिर में स्थाई रूप से रखा जाए। जिसे अग्रवाल समाज ने स्वीकार कर लिया है। इधर शव मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। 

मसूदा विधायक राकेश पारीक ने धरना स्थल पर मीडिया से बातचीत के दौरान कहा- जिला पुलिस प्रशासन समय रहते जाग जाता तो पंडित जी हमारे बीच में होते। उन्होंने कहा कि जिन भी अधिकारी और कर्मचारी ने कोताही बरती है। उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। विधानसभा में भी बात उठाई जाएगी। उन्होंने कहा- जहां बोलने की बात होगी, वहीं बोलेंगे। पारीक ने कहा- प्रयास किए जा रहे हैं कि शाम 6 बजे से पहले सारी मांगें पूरी हों। इससे पंडित जी का अंतिम संस्कार किया जा सके।

गौरतलब है कि पंडित गोविंद नारायण आत्मदाह की कोशिश करने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था। जिसमें चेयरमैन पर परेशान करने का आरोप लगाया था। थाना पुलिस द्वारा बुधवार को ही अस्पताल में बयान दर्ज कर चुकी थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस अग्रवाल पंचायत मारवाड़ी धड़ा के अध्यक्ष नरेंद्र डीडवानिया, प्रमोद डीडवानिया, रितेश कदोई और सुशील कदोई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चुकी है।

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राजस्थान के अजमेर में पुजारी के आत्मदाह का मामला लगातार गर्मा रहा है। शुक्रवार को ब्राह्मण समाज के लोग गुस्से में थे और सड़कों पर उतर आए। उनकी मांग थी कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। परिजन पुजारी का शव लेने को तैयार नहीं हैं। समाज के पदाधिकारी का कहना है जिला प्रशासन से चर्चा के बाद कल निर्णय लिया जाएगा कि शव लेना है या अभी नहीं। वहीं कोतवाली थाने में ब्राह्मण व अग्रवाल समाज बैठक भी हुई है। इसमें सहमति बनी है कि पुजारी का पोता भरत मंदिर में ही पूजा करता रहेगा। 

बता दें कि मंदिर कमेटी से विवाद के चलते अजमेर के ऋषि घाटी स्थित जगदीश मंदिर के पूर्व पुजारी गोविंद नारायण (92) ने 11 अक्टूबर को खुद को आग लगा ली थी। इसमें वे 60 फीसदी तक झुलस गए थे। गुरुवार देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। उनका जवाहर लाल नेहरू हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। मौत की खबर सुनकर समाज के लोग और गुस्से में आ गए थे। अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में समाज के लोग एकत्रित हो गए थे। जाम कर दिया था। काफी देर चले हंगामे के बाद समाज ने धरना स्थगित कर दिया। ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी सुदामा शर्मा ने बताया कि उनकी मुख्य मांग थी कि पुजारी भरत को मंदिर में स्थाई रूप से रखा जाए। जिसे अग्रवाल समाज ने स्वीकार कर लिया है। इधर शव मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। 

मसूदा विधायक राकेश पारीक ने धरना स्थल पर मीडिया से बातचीत के दौरान कहा- जिला पुलिस प्रशासन समय रहते जाग जाता तो पंडित जी हमारे बीच में होते। उन्होंने कहा कि जिन भी अधिकारी और कर्मचारी ने कोताही बरती है। उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। विधानसभा में भी बात उठाई जाएगी। उन्होंने कहा- जहां बोलने की बात होगी, वहीं बोलेंगे। पारीक ने कहा- प्रयास किए जा रहे हैं कि शाम 6 बजे से पहले सारी मांगें पूरी हों। इससे पंडित जी का अंतिम संस्कार किया जा सके।

गौरतलब है कि पंडित गोविंद नारायण आत्मदाह की कोशिश करने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था। जिसमें चेयरमैन पर परेशान करने का आरोप लगाया था। थाना पुलिस द्वारा बुधवार को ही अस्पताल में बयान दर्ज कर चुकी थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस अग्रवाल पंचायत मारवाड़ी धड़ा के अध्यक्ष नरेंद्र डीडवानिया, प्रमोद डीडवानिया, रितेश कदोई और सुशील कदोई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चुकी है।

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