Rajasthan Syndicate Bank Fraud Case Ed Arrested Himanshu Verma – Ed Action: राजस्थान का 1,257 करोड़ सिंडिकेट बैंक फ्रॉड केस, साजिशकर्ता हिमांशु वर्मा गिरफ्तार

0
14

साजिशकर्ता हिमांशु वर्मा गिरफ्तार

साजिशकर्ता हिमांशु वर्मा गिरफ्तार
– फोटो : सोशल मीडिया

ख़बर सुनें

राजस्थान में ईडी ने 15 अक्टूबर को 1 हजार 257 करोड़ रुपये के सिंडिकेट बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में प्रमुख साजिशकर्ता हिमांशु वर्मा को गिरफ्तार किया है। जयपुर की एक विशेष अदालत ने उन्हें 25 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में भेज दिया। साथ ही उनकी 14.88 करोड़ रुपये की विभिन्न संपत्तियां कुर्क की गई हैं। अब उससे पूरे मामले में पूछताछ की जा रही है।

ED की जांच में सामने आया कि साल 2011 से 2016 के बीच उदयपुर के चार्टड अकाउंटेंट मास्टर माइंड भारत बम ने बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से तत्कालीन सिंडिकेट बैंक से 1257 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। उदयपुर के भारत बम ने अपने परिजनों के नाम से पांच साल में अलग-अलग करके 1 हजार 257 करोड़ के कर्ज लिए। कर्ज का यह पैसा भारत बम की शैल कंपनियों में ट्रांसफर कर दिए गए। पांच साल में अलग-अलग समय पर लिए गए ये कर्ज कभी नहीं चुकाए गए। इस पूरे काम में चंडीगढ़ के रहने वाले हिमांशु वर्मा का भी नाम सामने आया, जिसे अब ED ने गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया।

कर्मचारियों और आदिवासियों तक के नाम से प्रॉपर्टी…
ईडी जांच में यह सामने आया कि भारत बम और उसके सहयोगियों ने बैंक से लिए गए कर्ज को फर्जी कंपनियों के अकाउंट में गलत तरीके से ट्रांसफर किया। शैल कंपनियों को केवल इसी पैसे को डायवर्ट करने के लिए बनाया गया था। इसके अलावा ये कंपनियां कोई काम नहीं करती थी। धोखाधड़ी से लिए गए कर्ज के पैसे से भारत बम और सहयोगियों ने खूब बेनामी प्रॉपर्टी खरीदी। आदिवासियों तक के नाम से फार्म हाउस खरीदे गए। बम के यहां काम करने वाले कई कर्मचारियों के नाम से भी खूब प्रॉपर्टी खरीदी गई।

अब तक 537 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच…
सिंडिकेट बैंक धोखाधड़ी के मामले में ED अब तक 537.72 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच कर चुका है। इससे पहले ED चार अलग-अलग अटैचमेंट के ऑर्डर जारी कर 478 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच कर चुका है। अब 56.81 करोड़ की संपत्ति के साथ यह आंकड़ा 537 करोड़ हो चुका है। हाल ही में 2.25 करोड़ के एक डिमांड ड्राफ्ट को भी अटैच किया था। इस मामले में ED की जांच जारी है।

विस्तार

राजस्थान में ईडी ने 15 अक्टूबर को 1 हजार 257 करोड़ रुपये के सिंडिकेट बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में प्रमुख साजिशकर्ता हिमांशु वर्मा को गिरफ्तार किया है। जयपुर की एक विशेष अदालत ने उन्हें 25 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में भेज दिया। साथ ही उनकी 14.88 करोड़ रुपये की विभिन्न संपत्तियां कुर्क की गई हैं। अब उससे पूरे मामले में पूछताछ की जा रही है।

ED की जांच में सामने आया कि साल 2011 से 2016 के बीच उदयपुर के चार्टड अकाउंटेंट मास्टर माइंड भारत बम ने बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से तत्कालीन सिंडिकेट बैंक से 1257 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। उदयपुर के भारत बम ने अपने परिजनों के नाम से पांच साल में अलग-अलग करके 1 हजार 257 करोड़ के कर्ज लिए। कर्ज का यह पैसा भारत बम की शैल कंपनियों में ट्रांसफर कर दिए गए। पांच साल में अलग-अलग समय पर लिए गए ये कर्ज कभी नहीं चुकाए गए। इस पूरे काम में चंडीगढ़ के रहने वाले हिमांशु वर्मा का भी नाम सामने आया, जिसे अब ED ने गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया।

कर्मचारियों और आदिवासियों तक के नाम से प्रॉपर्टी…

ईडी जांच में यह सामने आया कि भारत बम और उसके सहयोगियों ने बैंक से लिए गए कर्ज को फर्जी कंपनियों के अकाउंट में गलत तरीके से ट्रांसफर किया। शैल कंपनियों को केवल इसी पैसे को डायवर्ट करने के लिए बनाया गया था। इसके अलावा ये कंपनियां कोई काम नहीं करती थी। धोखाधड़ी से लिए गए कर्ज के पैसे से भारत बम और सहयोगियों ने खूब बेनामी प्रॉपर्टी खरीदी। आदिवासियों तक के नाम से फार्म हाउस खरीदे गए। बम के यहां काम करने वाले कई कर्मचारियों के नाम से भी खूब प्रॉपर्टी खरीदी गई।

अब तक 537 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच…

सिंडिकेट बैंक धोखाधड़ी के मामले में ED अब तक 537.72 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच कर चुका है। इससे पहले ED चार अलग-अलग अटैचमेंट के ऑर्डर जारी कर 478 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच कर चुका है। अब 56.81 करोड़ की संपत्ति के साथ यह आंकड़ा 537 करोड़ हो चुका है। हाल ही में 2.25 करोड़ के एक डिमांड ड्राफ्ट को भी अटैच किया था। इस मामले में ED की जांच जारी है।

Source link